
हिंदी में दर्शन की पुस्तकें: 190 विचारकों तक पढ़ने और सुनने के रास्ते
अपडेट करने की तारीख: 2 घंटे पहले
किस विचारक से शुरुआत करें—बुद्ध, आंबेडकर, कांट या युंग? सही प्रवेश-द्वार आपके प्रश्न पर निर्भर करता है। किसी को नैतिक निर्णय समझने हैं, किसी को चेतना, सामाजिक न्याय या मनोविश्लेषण। यह पठन-सूची हिंदी में इन अलग रास्तों को एक साथ रखती है।

यह संग्रह क्या प्रस्तुत करता है?
60 मिनट में महान विचारक श्रृंखला में Deivede Eder Ferreira के स्वतंत्र परिचय हैं। प्रकाशक ABRAFP International Press है। वर्तमान Google Play सूची में 190 हिंदी ई-बुक और उन्हीं 190 विषयों के हिंदी ऑडियोबुक उपलब्ध हैं। नीचे प्रत्येक पुस्तक का नाम, उसका विषय और दोनों संस्करणों के सीधे लिंक दिए गए हैं।
ये पुस्तकें संबंधित विचारकों की मूल रचनाएँ, आधिकारिक जीवनियाँ या अधिकृत अनुवाद नहीं हैं। वे विचारों तक पहुँचने के अध्ययन-मार्गदर्शक हैं। श्रृंखला का नाम संक्षिप्त परिचय की संपादकीय पहचान है; हर व्यक्ति के पठन या श्रवण के लिए ठीक साठ मिनट की गारंटी नहीं।
अपने प्रश्न के अनुसार पढ़ना शुरू करें
भारतीय दर्शन के लिए बुद्ध, शंकराचार्य, नागार्जुन और रामानुज की भिन्न दिशाओं को देखें। इन्हें एक ही मत के रूप में न पढ़ें: आत्मा, मुक्ति, ज्ञान और अनुभव पर उनके मतभेद अध्ययन का महत्त्वपूर्ण हिस्सा हैं। विवेकानंद और आंबेडकर आधुनिक भारतीय संदर्भ में अलग सामाजिक और दार्शनिक प्रश्न खोलते हैं।
नैतिकता और सार्वजनिक जीवन के लिए अरस्तू, कांट, मिल और आरेंट की तुलना उपयोगी हो सकती है। मन और व्यक्तित्व में रुचि हो तो फ़्रायड और युंग से शुरुआत की जा सकती है, उनके सिद्धांतों तथा आज के अनुभवजन्य प्रमाण के बीच अंतर बनाए रखते हुए। एक विचारक से सहमत होना ही उसे समझने की कसौटी नहीं है।
ई-बुक या ऑडियोबुक: कौन-सा संस्करण चुनें?
ई-बुक पढ़ते समय रुककर किसी शब्द, तर्क या स्रोत पर लौटना सुविधाजनक हो सकता है। ऑडियोबुक सुनकर विषय में प्रवेश मिलता है; कठिन अवधारणा आए तो नमूना सुनें, विराम लें और अपने प्रश्न लिखें। दोनों अलग खरीद वाले संस्करण हैं। Google Play पर वर्तमान मूल्य, नमूना और आपके देश की उपलब्धता जाँचें।
अध्ययन को आगे कैसे बढ़ाएँ?
किसी अध्याय का मुख्य दावा एक वाक्य में लिखें। फिर देखें कि उसके पक्ष में किस प्रकार का कारण दिया गया है—पाठ, तर्क, अनुभव या ऐतिहासिक दस्तावेज़। उसके बाद एक मजबूत आपत्ति लिखें। मूल रचना तक लौटने पर जाँचें कि परिचय ने कौन-से प्रश्न खोले हैं और कौन-से अभी शेष हैं।
समकालीन उदाहरण किसी विचारक का ऐतिहासिक कथन नहीं होता। दर्शन, धार्मिक अनुभव और मनोविश्लेषण के दावों को एक ही प्रकार के वैज्ञानिक निष्कर्ष की तरह भी नहीं पढ़ना चाहिए। यह अंतर आलोचनात्मक पठन को अधिक उपयोगी बनाता है।
पुस्तक-सूची और सीधे खरीद लिंक
पठन-सूची: खंड 1–10
1. स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) — वेदांत, चेतना और मानव विकास
2. जिद्दू कृष्णमूर्ति (Jiddu Krishnamurti) — अनुबंधन, भय और मन की स्वतंत्रता
3. ओशो (Osho) — ध्यान, इच्छा और व्यक्ति की स्वतंत्रता
4. रमण महर्षि (Ramana Maharshi) — आत्म-विचार, मौन और स्व की खोज
5. श्री अरविंद (Sri Aurobindo) — चेतना, विकास और समग्र योग
6. फ़्रीडरिख नीत्शे (Friedrich Nietzsche) — शून्यवाद, शक्ति और नए मूल्यों की खोज
7. कार्ल गुस्ताव युंग (Carl Gustav Jung) — अचेतन, आद्यरूप और व्यक्तित्व का विकास
8. सिगमंड फ़्रायड (Sigmund Freud) — अचेतन, स्वप्न और मनोविश्लेषण
9. मार्कस ऑरेलियस (Marcus Aurelius) — सद्गुण, विवेक और कठिन समय में जीवन
10. आर्थर शोपेनहावर (Arthur Schopenhauer) — इच्छा, दुःख, कला और करुणा
पठन-सूची: खंड 11–20
11. गौतम बुद्ध (Gautama Buddha) — दुःख, जागरूकता और मुक्ति का मार्ग
12. आदि शंकराचार्य (Adi Shankaracharya) — अद्वैत, आत्मबोध और मुक्ति
13. पतंजलि (Patanjali) — योग, चित्त और विवेक की साधना
14. नागार्जुन (Nagarjuna) — शून्यता, प्रतीत्यसमुत्पाद और मध्यम मार्ग
15. कबीर (Kabir) — निर्गुण भक्ति, प्रेम और सामाजिक प्रश्न
16. सुकरात (Socrates) — प्रश्न, सद्गुण और परीक्षित जीवन
17. प्लेटो (Plato) — न्याय, ज्ञान और आदर्शों की खोज
18. अरस्तू (Aristotle) — तर्क, सद्गुण और अच्छे जीवन की खोज
19. सेनेका (Seneca) — समय, क्रोध और जीवन की अनिश्चितता
20. एपिक्टेटस (Epictetus) — निर्णय, स्वतंत्रता और अपने वश की सीमा
पठन-सूची: खंड 21–30
21. महावीर (Mahavira) — अहिंसा, अनेकांत और आत्मसंयम
22. चाणक्य (Chanakya) — राज्य, नीति और शक्ति का विवेक
23. गुरु नानक (Guru Nanak) — एकता, सेवा और सत्य का जीवन
24. रवीन्द्रनाथ ठाकुर (Rabindranath Tagore) — मानवता, सृजन और शिक्षा की स्वतंत्रता
25. भीमराव आंबेडकर (B. R. Ambedkar) — समानता, लोकतंत्र और सामाजिक मुक्ति
26. रेने देकार्त (Rene Descartes) — संदेह, बुद्धि और ज्ञान की नींव
27. बारुख स्पिनोज़ा (Baruch Spinoza) — प्रकृति, भावनाएँ और स्वतंत्रता
28. इमानुएल कांट (Immanuel Kant) — ज्ञान की सीमा और नैतिक स्वायत्तता
29. कार्ल मार्क्स (Karl Marx) — श्रम, पूँजी और सामाजिक परिवर्तन
30. सिमोन द बोउवार (Simone de Beauvoir) — स्वतंत्रता, स्त्री और दूसरे का प्रश्न
पठन-सूची: खंड 31–40
31. महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) — सत्य, अहिंसा और स्वराज का प्रयोग
32. श्रीरामकृष्ण (Sri Ramakrishna) — अनुभव, भक्ति और धार्मिक बहुलता
33. स्वामी दयानंद सरस्वती (Swami Dayananda Saraswati) — वेद, विवेक और समाज-सुधार
34. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (Sarvepalli Radhakrishnan) — अनुभूति, धर्म और दार्शनिक संवाद
35. श्री नारायण गुरु (Sree Narayana Guru) — आत्मबोध, समानता और सामाजिक परिवर्तन
36. डेविड ह्यूम (David Hume) — अनुभव, संशय और मानवीय स्वभाव
37. जॉन स्टुअर्ट मिल (John Stuart Mill) — स्वतंत्रता, उपयोगिता और समानता
38. सोरेन कीर्केगार्द (Soren Kierkegaard) — अस्तित्व, चुनाव और आस्था
39. हन्ना आरेंट (Hannah Arendt) — सत्ता, स्वतंत्रता और सार्वजनिक जीवन
40. अल्बेर कामू (Albert Camus) — विसंगति, विद्रोह और मानवीय एकजुटता
पठन-सूची: खंड 41–50
41. रामानुज (Ramanuja) — विशिष्टाद्वैत, भक्ति और संबंध का दर्शन
42. मध्वाचार्य (Madhva) — भेद, यथार्थ और ईश्वर की स्वतंत्रता
43. बसवन्ना (Basavanna) — श्रम, समानता और अनुभव की वाणी
44. सावित्रीबाई फुले (Savitribai Phule) — शिक्षा, गरिमा और सामाजिक परिवर्तन
45. पंडिता रमाबाई (Pandita Ramabai) — स्त्री, आस्था और स्वाधीन जीवन
46. जॉन लॉक (John Locke) — अनुभव, अधिकार और शासन की सीमाएँ
47. जाँ-जाक रूसो (Jean-Jacques Rousseau) — स्वतंत्रता, असमानता और सामूहिक जीवन
48. गेओर्ग विल्हेल्म फ़्रीडरिख हेगेल (Georg Wilhelm Friedrich Hegel) — चेतना, इतिहास और स्वतंत्रता
49. विलियम जेम्स (William James) — अनुभव, विश्वास और व्यावहारिक सत्य
50. सिमोन वेय (Simone Weil) — ध्यान, श्रम और मनुष्य के प्रति दायित्व
पठन-सूची: खंड 51–60
51. कन्फ्यूशियस (Confucius) — मानवता, आचार और संबंधों की नैतिकता
52. लाओत्से (Laozi) — दाओ, सहजता और अल्प हस्तक्षेप
53. झुआंगज़ी (Zhuangzi) — दृष्टिकोण, परिवर्तन और मुक्त विचरण
54. मेन्सियस (Mencius) — मानव स्वभाव, करुणा और न्यायपूर्ण शासन
55. अल-फ़ाराबी (Al-Farabi) — तर्क, सद्गुणी नगर और साझा सुख
56. इब्न सीना (Ibn Sina) — अस्तित्व, आत्मा और आवश्यक सत्ता
57. अल-ग़ज़ाली (Al-Ghazali) — संदेह, आत्मानुशासन और ज्ञान की सीमाएँ
58. इब्न रुश्द (Ibn Rushd) — तर्क, व्याख्या और दर्शन की रक्षा
59. थॉमस एक्विनास (Thomas Aquinas) — अस्तित्व, प्राकृतिक नियम और विश्वास-विवेक
60. मिशेल फूको (Michel Foucault) — ज्ञान, शक्ति और स्वयं की देखभाल
पठन-सूची: खंड 61–70
61. प्लोटिनस (Plotinus) — परम एक, बुद्धि और आत्मा की वापसी
62. ऑगस्टीन (Augustine of Hippo) — स्मृति, इच्छा और कृपा
63. मैमोनिडीज़ (Maimonides) — तर्क, निषेधात्मक धर्ममीमांसा और व्यवस्था
64. निकोलो मैकियावेली (Niccolo Machiavelli) — शक्ति, भाग्य और गणतांत्रिक स्वतंत्रता
65. थॉमस हॉब्स (Thomas Hobbes) — भय, अनुबंध और संप्रभुता
66. गॉटफ़्रीड विल्हेल्म लाइबनिट्ज़ (Gottfried Wilhelm Leibniz) — मोनाड, पर्याप्त कारण और संभव संसार
67. जॉर्ज बर्कले (George Berkeley) — अनुभूति, विचार और पदार्थ की आलोचना
68. मैरी वोल्स्टनक्राफ्ट (Mary Wollstonecraft) — शिक्षा, विवेक और स्त्री की नागरिक स्वतंत्रता
69. जॉन डेवी (John Dewey) — अनुभव, शिक्षा और लोकतांत्रिक जीवन
70. जाँ-पॉल सार्त्र (Jean-Paul Sartre) — स्वतंत्रता, शून्यता और उत्तरदायित्व
पठन-सूची: खंड 71–80
71. एपिक्यूरस (Epicurus) — सुख, निर्भयता और मैत्री का विवेक
72. बोएथियस (Boethius) — भाग्य, स्वतंत्रता और दर्शन की सांत्वना
73. फ़्रांसिस बेकन (Francis Bacon) — अनुभव, विधि और ज्ञान की शक्ति
74. ब्लेज़ पास्कल (Blaise Pascal) — अनंतता, हृदय और विश्वास का जोखिम
75. एडम स्मिथ (Adam Smith) — सहानुभूति, न्याय और वाणिज्यिक समाज
76. जेरेमी बेंथम (Jeremy Bentham) — उपयोगिता, कानून और सुधार की गणना
77. चार्ल्स सैंडर्स पियर्स (Charles Sanders Peirce) — संकेत, जाँच और व्यावहारिक अर्थ
78. मारिया मोंटेसरी (Maria Montessori) — बाल स्वतंत्रता, तैयार परिवेश और शांति
79. डब्ल्यू. ई. बी. डू बोइस (W. E. B. Du Bois) — दोहरी चेतना, रंग-रेखा और मुक्ति
80. फ़्रांत्ज़ फ़ैनन (Frantz Fanon) — उपनिवेश, देह और मुक्ति की चेतना
पठन-सूची: खंड 81–90
81. एडमंड हुसर्ल (Edmund Husserl) — चेतना, आशयता और जीवन-जगत
82. मार्टिन हाइडेगर (Martin Heidegger) — अस्तित्व, समय और तकनीक का प्रश्न
83. लुडविग विट्गेन्स्टाइन (Ludwig Wittgenstein) — भाषा, अर्थ और जीवन-रूप
84. बर्ट्रैंड रसेल (Bertrand Russell) — तर्क, ज्ञान और स्वतंत्र विचार
85. कार्ल पॉपर (Karl Popper) — खंडनीयता, आलोचना और खुला समाज
86. अंतोनियो ग्राम्शी (Antonio Gramsci) — वर्चस्व, संस्कृति और परिवर्तन
87. पाउलो फ्रेरे (Paulo Freire) — संवाद, चेतना और मुक्ति की शिक्षा
88. बेल हुक्स (bell hooks) — प्रेम, शिक्षा और मुक्ति का नारीवाद
89. एंजेला डेविस (Angela Davis) — स्वतंत्रता, कारागार और सामूहिक संघर्ष
90. अमर्त्य सेन (Amartya Sen) — क्षमता, न्याय और विकास की स्वतंत्रता
पठन-सूची: खंड 91–100
91. जॉन रॉल्स (John Rawls) — न्याय, निष्पक्षता और समान नागरिकता
92. युर्गेन हाबर्मास (Jürgen Habermas) — संवाद, सार्वजनिक क्षेत्र और लोकतांत्रिक वैधता
93. जाक देरिदा (Jacques Derrida) — विखंडन, भिन्नता और न्याय की जिम्मेदारी
94. जिल देल्यूज़ (Gilles Deleuze) — भिन्नता, बहुलता और सृजन
95. इमैनुएल लेविनास (Emmanuel Levinas) — दूसरा, चेहरा और अनंत जिम्मेदारी
96. मॉरिस मर्लो-पोंती (Maurice Merleau-Ponty) — देह, प्रत्यक्षण और दृश्य जगत
97. जूडिथ बटलर (Judith Butler) — जेंडर, प्रदर्शनशीलता और असुरक्षित जीवन
98. मार्था नुसबाउम (Martha Nussbaum) — क्षमताएँ, भावनाएँ और वैश्विक न्याय
99. स्लावोय ज़ीज़ेक (Slavoj Žižek) — विचारधारा, इच्छा और समकालीन संस्कृति
100. ब्युंग-चुल हान (Byung-Chul Han) — थकान, पारदर्शिता और डिजिटल सत्ता
पठन-सूची: खंड 101–110
101. वोल्तेयर (Voltaire) — तर्क, सहिष्णुता और नागरिक साहस
102. मोंतेस्क्यू (Montesquieu) — कानून, स्वतंत्रता और शक्तियों का संतुलन
103. अलेक्सिस द तोकविल (Alexis de Tocqueville) — लोकतंत्र, समानता और नागरिक संघ
104. मैक्स वेबर (Max Weber) — अर्थ, सत्ता और आधुनिक नौकरशाही
105. एमिल दुर्खीम (Émile Durkheim) — सामाजिक तथ्य, एकजुटता और आधुनिक जीवन
106. वाल्टर बेंजामिन (Walter Benjamin) — इतिहास, कला और आधुनिक अनुभव
107. थियोडोर डब्ल्यू. अडोर्नो (Theodor W. Adorno) — आलोचनात्मक सिद्धांत, संस्कृति और गैर-समरूपता
108. हर्बर्ट मार्क्यूज़ (Herbert Marcuse) — मुक्ति, तकनीक और एक-आयामी समाज
109. हांस-गेओर्ग गाडामर (Hans-Georg Gadamer) — समझ, परंपरा और संवाद
110. पॉल रिक्योर (Paul Ricoeur) — व्याख्या, कथा और नैतिक पहचान
पठन-सूची: खंड 111–120
111. आयन रैंड (Ayn Rand) — विवेक, स्वार्थ और व्यक्तिगत स्वतंत्रता
112. नोम चॉम्स्की (Noam Chomsky) — भाषा, मन और सत्ता की आलोचना
113. पीटर सिंगर (Peter Singer) — दुःख, समान विचार और व्यावहारिक नैतिकता
114. आइज़ाया बर्लिन (Isaiah Berlin) — स्वतंत्रता, मूल्य-बहुलता और इतिहास
115. रॉबर्ट नोज़िक (Robert Nozick) — अधिकार, न्याय और न्यूनतम राज्य
116. अलास्डेयर मैकइन्टायर (Alasdair MacIntyre) — सद्गुण, परंपरा और नैतिक कथा
117. चार्ल्स टेलर (Charles Taylor) — पहचान, मान्यता और आधुनिक आत्म
118. आइरिस मर्डोक (Iris Murdoch) — ध्यान, अच्छाई और नैतिक दृष्टि
119. एडवर्ड सईद (Edward Said) — प्रतिनिधित्व, साम्राज्य और निर्वासन
120. गायत्री चक्रवर्ती स्पिवाक (Gayatri Chakravorty Spivak) — सबाल्टर्न, अनुवाद और ग्रहगत जिम्मेदारी
पठन-सूची: खंड 131–140
131. मार्कस तुलियस सिसरो (Marcus Tullius Cicero) — कर्तव्य, गणराज्य और विवेकपूर्ण संवाद
132. सिनोपे के डायोजनीज़ (Diogenes of Sinope) — प्रकृति, निर्भीक वाणी और आत्मनिर्भरता
133. लुक्रेतियस (Lucretius) — प्रकृति, भय से मुक्ति और परमाणुओं का जगत
134. अल-किंदी (Al-Kindi) — बुद्धि, प्रथम दर्शन और ज्ञान का अनुवाद
135. इब्न खल्दून (Ibn Khaldun) — इतिहास, असबिय्या और सभ्यता के चक्र
136. झू शी (Zhu Xi) — ली, ची और नैतिक आत्म-संवर्धन
137. वांग यांगमिंग (Wang Yangming) — अंतःज्ञान, कर्म और मन का सिद्धांत
138. दोगेन (Dogen) — साधना, जागृति और अस्तित्व-समय
139. मैरी एस्टेल (Mary Astell) — स्त्री-शिक्षा, विवेक और स्वतंत्र सहमति
140. मैरी मिडग्ली (Mary Midgley) — मानव प्रकृति, जीव-जगत और विज्ञान के मिथक
पठन-सूची: खंड 141–150
141. सेक्स्टस एम्पिरिकस (Sextus Empiricus) — संशय, निर्णय-स्थगन और मानसिक शांति
142. पाइर्रो (Pyrrho) — अनिश्चितता, प्रतीति और निर्विचल जीवन
143. ज़ेनो ऑफ सिटियम (Zeno of Citium) — सद्गुण, प्रकृति और स्टोइक नगर
144. क्रिसिपस (Chrysippus) — तर्क, नियति और नैतिक सहमति
145. प्रोक्लस (Proclus) — एकता, क्रम और दार्शनिक वापसी
146. हाइपेटिया (Hypatia) — गणित, दर्शन और सार्वजनिक स्मृति
147. कैंटरबरी के एन्सेल्म (Anselm of Canterbury) — विश्वास, तर्क और आवश्यक अस्तित्व
148. पीटर एबेलार्ड (Peter Abelard) — तर्क, अभिप्राय और नैतिक जिम्मेदारी
149. बिंगेन की हिल्डेगार्ड (Hildegard of Bingen) — सृष्टि, दृष्टि और उपचार
150. क्रिस्तीन द पिज़ान (Christine de Pizan) — स्त्री-गरिमा, न्याय और लेखकीय नगर
पठन-सूची: खंड 151–160
151. मार्सिलियो फिचिनो (Marsilio Ficino) — प्लेटोनिक प्रेम, आत्मा और पुनर्जागरण
152. जियोवानी पिको देला मिरांदोला (Giovanni Pico della Mirandola) — गरिमा, स्वतंत्रता और परंपराओं का संवाद
153. जियोर्दानो ब्रूनो (Giordano Bruno) — अनंत ब्रह्मांड, स्मृति और विचार की स्वतंत्रता
154. फ्रांसिस्को दे वितोरिया (Francisco de Vitoria) — प्राकृतिक विधि, संप्रभुता और विजय की आलोचना
155. बार्तोलोमे दे लास कासास (Bartolomé de las Casas) — विजय, मानव गरिमा और औपनिवेशिक साक्ष्य
156. ह्यूगो ग्रोटियस (Hugo Grotius) — प्राकृतिक विधि, युद्ध और समुद्र की स्वतंत्रता
157. ऐन कॉनवे (Anne Conway) — जीवित पदार्थ, आत्मा और करुणामय सृष्टि
158. मार्गरेट कैवेंडिश (Margaret Cavendish) — प्रकृति, पदार्थ और स्त्री लेखकीयता
159. एमिली दु शातले (Émilie du Châtelet) — भौतिकी, ऊर्जा और बौद्धिक स्वतंत्रता
160. जियाम्बातिस्ता वीको (Giambattista Vico) — इतिहास, भाषा और राष्ट्रों का विज्ञान
पठन-सूची: खंड 161–170
161. फ्रांसिस हचेसन (Francis Hutcheson) — नैतिक संवेदना, परोपकार और सौंदर्य
162. थॉमस रीड (Thomas Reid) — सामान्य बोध, प्रत्यक्ष अनुभव और सक्रिय शक्ति
163. मोज़ेस मेंडेल्सज़ोन (Moses Mendelssohn) — विवेक, धर्म और नागरिक सहिष्णुता
164. योहान गॉटफ्रीड हेर्डर (Johann Gottfried Herder) — भाषा, संस्कृति और साझा मानवता
165. फ्रीडरिख शिलर (Friedrich Schiller) — सौंदर्य-शिक्षा, स्वतंत्रता और खेल
166. योहान गॉटलिब फिख्टे (Johann Gottlieb Fichte) — स्व, मान्यता और नैतिक कर्म
167. फ्रीडरिख शेलिंग (Friedrich Wilhelm Joseph Schelling) — प्रकृति, स्वतंत्रता और पहचान
168. फ्रीडरिख श्लाइअरमाखर (Friedrich Schleiermacher) — व्याख्या, धर्म और व्यक्तिगतता
169. लुडविग फोयरबाख (Ludwig Feuerbach) — धर्म, प्रक्षेपण और मानवीय संवेदनशीलता
170. हैरियट टेलर मिल (Harriet Taylor Mill) — समानता, विवाह और व्यक्तिगत स्वतंत्रता
पठन-सूची: खंड 171–180
171. सोजर्नर ट्रुथ (Sojourner Truth) — दासता, लिंग और सार्वजनिक वाणी
172. फ्रेडरिक डगलस (Frederick Douglass) — स्वतंत्रता, साक्षरता और नागरिकता
173. अन्ना जूलिया कूपर (Anna Julia Cooper) — शिक्षा, नस्ल और अश्वेत स्त्री की आवाज
174. आइडा बी. वेल्स (Ida B. Wells) — सत्य, नस्ली हिंसा और खोजी न्याय
175. रोज़ा लक्ज़मबुर्ग (Rosa Luxemburg) — लोकतंत्र, जन-क्रिया और समाजवाद
176. एमा गोल्डमैन (Emma Goldman) — स्वतंत्रता, सत्ता और सामाजिक मुक्ति
177. एडिथ स्टाइन (Edith Stein) — समानुभूति, व्यक्ति और समुदाय
178. होसे ओर्तेगा ई गासेत (José Ortega y Gasset) — परिप्रेक्ष्य, परिस्थिति और जन-समाज
179. मिगेल दे उनामुनो (Miguel de Unamuno) — त्रासद जीवन-बोध, विश्वास और पहचान
180. होसे कार्लोस मारियातेगी (José Carlos Mariátegui) — समाजवाद, स्वदेशी प्रश्न और लैटिन अमेरिका
पठन-सूची: खंड 181–190
181. एनरिके दुसेल (Enrique Dussel) — मुक्ति, बाह्यता और औपनिवेशिक आधुनिकता
182. लेओपोल्दो सेआ (Leopoldo Zea) — लैटिन अमेरिकी दर्शन, इतिहास और निर्भरता
183. मारिया साम्ब्रानो (María Zambrano) — काव्यात्मक विवेक, निर्वासन और व्यक्ति
184. डोना हारावे (Donna Haraway) — स्थित ज्ञान, साइबोर्ग और बहु-प्रजातीय संसार
185. पैट्रिशिया हिल कॉलिन्स (Patricia Hill Collins) — अश्वेत नारीवादी विचार, ज्ञान और सत्ता
186. किम्बर्ले क्रेंशॉ (Kimberlé Crenshaw) — अंतर्विभागिता, विधि और संरचनात्मक न्याय
187. कॉर्नेल वेस्ट (Cornel West) — पैगंबरी प्रैग्मैटिज़्म, नस्ल और लोकतंत्र
188. सिल्विया विंटर (Sylvia Wynter) — मनुष्य की श्रेणी, औपनिवेशिकता और नया मानववाद
189. वी. वाई. मुदिम्बे (V. Y. Mudimbe) — अफ्रीका का आविष्कार, ज्ञान और औपनिवेशिक पुस्तकालय
190. ओयेरोंके ओयेवुमी (Oyèrónkẹ́ Oyěwùmí) — लिंग, योरूबा समाज और ज्ञान का उपनिवेश-विमोचन
पठन-सूची: खंड 191–200
191. कितारो निशिदा (Kitarō Nishida) — शुद्ध अनुभव, स्थान और निरपेक्ष शून्यता
192. केइजी निशितानी (Keiji Nishitani) — निहिलिज़्म, शून्यता और धार्मिक अस्तित्व
193. तेत्सुरो वात्सुजी (Tetsurō Watsuji) — बीचपन, जलवायु और नैतिकता
194. हाजिमे तनाबे (Hajime Tanabe) — प्रजाति-तर्क, मेटानोएटिक्स और दर्शन की सीमा
195. डी. टी. सुज़ुकी (D. T. Suzuki) — ज़ेन, अनुभव और सांस्कृतिक अनुवाद
196. के. सी. भट्टाचार्य (K. C. Bhattacharyya) — स्व, स्वतंत्रता और विचारों में स्वराज
197. बी. के. मतिलाल (B. K. Matilal) — तर्क, भाषा और भारतीय नैतिक बहस
198. दया कृष्ण (Daya Krishna) — वैचारिक स्वतंत्रता, संवाद और भारतीय दर्शन
199. वंदना शिवा (Vandana Shiva) — पारिस्थितिकी, बीज-स्वराज और ज्ञान
200. नवाल अल सादावी (Nawal El Saadawi) — शरीर, पितृसत्ता और मुक्ति की लेखनी
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या सभी पुस्तकें हिंदी में हैं?
इस सूची में हिंदी संस्करण दिए गए हैं। दूसरी भाषाओं में इसी प्रकाशक की रचनाएँ अलग संस्करण हैं; खरीदने से पहले शीर्षक और भाषा जाँचें।
क्या यह एक पैकेज की कीमत है?
नहीं। लिंक अलग-अलग ई-बुक और ऑडियोबुक के पृष्ठों पर जाते हैं। यदि Google Play कोई श्रृंखला-पैकेज दिखाए, तो उसकी शर्तें और कुल कीमत वहीं जाँचें।
पुस्तकों के लेखक और प्रकाशक कौन हैं?
इन स्वतंत्र परिचयों के लेखक Deivede Eder Ferreira और प्रकाशक ABRAFP International Press हैं। सूची में जिन विचारकों का अध्ययन किया गया है, वे इन समकालीन परिचयों के लेखक नहीं हैं।










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