ऑगस्टीन: बीता और आने वाला समय कहाँ मिलता है?
गीत की पहली पंक्ति समाप्त हो चुकी है, आखिरी अभी आई नहीं। फिर भी हम पूरा गीत एक लय में कैसे सुनते हैं? ऑगस्टीन समय को समझते हुए स्मृति, वर्तमान ध्यान और अपेक्षा का संबंध खोलते हैं। अनुभव में समय केवल अलग-अलग क्षणों का ढेर नहीं लगता।

अतीत का वर्तमान
Confessions की ग्यारहवीं पुस्तक में वे पूछते हैं कि जो बीत गया वह अब किस अर्थ में है। स्मृति अतीत की घटना स्वयं नहीं, उसकी वर्तमान उपस्थिति है। इसी तरह भविष्य की घटना अभी नहीं हुई, लेकिन उसकी अपेक्षा अभी मौजूद हो सकती है।
तीन उपस्थितियाँ
वे अतीत, वर्तमान और भविष्य की सामान्य भाषा को अधिक सावधानी से पढ़ते हैं: स्मरण, ध्यान और अपेक्षा अभी हमारे अनुभव में हैं। इसका आशय इतिहास को मिटाना नहीं; यह जानना है कि बदलता समय चेतना में कैसे उपस्थित होता है।
एक काल्पनिक प्रस्तुति
वक्ता ईशा कविता सुनाती है। पढ़ी हुई पंक्तियाँ स्मृति में हैं, अगली पंक्ति की तैयारी अपेक्षा में और उच्चारण ध्यान में। यह संपादकीय दृश्य समय के जुड़े अनुभव को स्पष्ट करता है। घड़ी की माप उससे गलत नहीं हो जाती; प्रश्न मापन से अलग अनुभव का भी है।
सीमा स्पष्ट है: ऑगस्टीन की चर्चा सृष्टि, ईश्वर और अनंतता के धार्मिक संदर्भ में होती है। इसे आधुनिक भौतिकी का सिद्धांत या केवल मनोवैज्ञानिक तकनीक कहना अनुचित होगा। उनके विश्लेषण की शक्ति अनुभव खोलने में है; उससे समय के हर दार्शनिक विवाद का समाधान नहीं निकलता।
क्या ऑगस्टीन कहते हैं कि अतीत कभी हुआ ही नहीं?
नहीं। वे उसके अब मौजूद होने का तरीका पूछते हैं; घटना और वर्तमान स्मृति अलग हैं।
क्या समय केवल भ्रम है?
यह उनका आसान निष्कर्ष नहीं। समय का अनुभव और उसकी माप कठिन प्रश्न बने रहते हैं।
हिंदी में पुस्तक पढ़ें या सुनें
ऑगस्टीन (Augustine of Hippo) — स्मृति, इच्छा और कृपा। Deivede Eder Ferreira का स्वतंत्र हिंदी परिचय, ABRAFP International Press। 60 मिनट में महान विचारक श्रृंखला, खंड 62। यह विचारक की अपनी रचना या अधिकृत अनुवाद नहीं है।
ई-बुक और ऑडियोबुक अलग संस्करण हैं। वर्तमान कीमत, नमूना और आपके देश की उपलब्धता Google Play पर देखें।
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