ओयेवुमी: लिंग की श्रेणियाँ हर समाज में एक जैसी हैं?
हम किसी समाज का अनुवाद करते समय अपनी श्रेणियाँ साथ ले जाते हैं। अगर वही श्रेणियाँ उस समाज का संगठन ठीक न पकड़ें तो क्या होगा? ओयेरोंके ओयेवुमी की द इन्वेंशन ऑफ विमेन यह असुविधाजनक प्रश्न उठाती है।

श्रेणी को भी जाँचें
उनका ऐतिहासिक तर्क पुराने योरूबा समाज में शरीर-आधारित पश्चिमी लिंग-श्रेणियों को सीधे लागू करने पर आपत्ति करता है। वे सापेक्ष उम्र और वरिष्ठता की भूमिका सामने लाती हैं। इस तरह सामाजिक भूमिका का अर्थ केवल जैविक शरीर से निर्धारित मानना चुनौती पाता है।
यह दावा सभी स्थानों और कालों के अफ्रीका का एक नियम नहीं माना जाना चाहिए। पुस्तक एक विशेष इतिहास और ज्ञानगत समस्या पर काम करती है। इसकी शक्ति शोधकर्ता को अपने औजारों पर भी प्रश्न करने में है: क्या श्रेणी साक्ष्य से निकली है या पहले से लाई गई है?
अनुवाद का काल्पनिक प्रसंग
एक शोधकर्ता रिश्ते का स्थानीय शब्द हर जगह पत्नी लिख देता है, जबकि प्रसंग में उसका व्यापक संबंधगत अर्थ है। दूसरी जाँच से संस्था की तस्वीर बदल सकती है। यह काल्पनिक उदाहरण शब्द की गलत समानता का जोखिम दिखाता है, योरूबा भाषा के किसी खास शब्द का दावा नहीं।
सीमा यह है कि पश्चिमी श्रेणी की आलोचना से हर असमानता का अभाव सिद्ध नहीं होता। वरिष्ठता भी सत्ता का संबंध हो सकती है। वैकल्पिक व्याख्याओं, स्थानीय स्रोतों और ऐतिहासिक बदलावों की जाँच जारी रखनी चाहिए। किसी समाज को शुद्ध, एकरूप अतीत में बंद करना भी अनुचित होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या पुस्तक हर समाज में लिंग का अस्तित्व नकारती है?
नहीं। उसका विशिष्ट ऐतिहासिक तर्क सार्वभौमिक नारा नहीं बनाना चाहिए।
क्या श्रेणियाँ बाहर से आने पर हमेशा गलत हैं?
नहीं। उनकी उपयुक्तता साक्ष्य और संदर्भ से परखें; उत्पत्ति अकेली अंतिम कसौटी नहीं।
हिंदी में पुस्तक पढ़ें या सुनें
ओयेरोंके ओयेवुमी (Oyèrónkẹ́ Oyěwùmí) — लिंग, योरूबा समाज और ज्ञान का उपनिवेश-विमोचन। Deivede Eder Ferreira का स्वतंत्र हिंदी परिचय, ABRAFP International Press। 60 मिनट में महान विचारक श्रृंखला, खंड 190। यह विचारक की अपनी रचना या अधिकृत अनुवाद नहीं है।
ई-बुक और ऑडियोबुक अलग संस्करण हैं। वर्तमान कीमत, नमूना और आपके देश की उपलब्धता Google Play पर देखें।
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