मैरी एस्टेल: शिक्षा के बिना स्वतंत्र चुनाव कैसा?
यदि किसी समूह को गंभीर अध्ययन का अवसर न मिले, फिर उसकी समझ पर हँसा जाए, तो कमी किसकी है? मैरी एस्टेल स्त्रियों की कथित बौद्धिक कमजोरी को उनकी शिक्षा और सामाजिक अपेक्षाओं के संदर्भ में प्रश्न करती हैं।

बुद्धि को अभ्यास चाहिए
अ सीरियस प्रपोज़ल टू द लेडीज़ में स्त्रियों की शिक्षा के लिए अलग संस्थान का प्रस्ताव है। केवल रूप, सामाजिक स्वीकृति और विवाह की तैयारी को जीवन का केंद्र बनाने के स्थान पर विवेक और आत्म-परीक्षण विकसित करने का अवसर माँगा जाता है।
एस्टेल के लिए स्त्रियों का तर्क करना उनकी मानव तथा धार्मिक जिम्मेदारी से जुड़ता है। उनकी परियोजना आधुनिक धर्मनिरपेक्ष स्वतंत्रता की सीधी प्रतिलिपि नहीं। ईसाई नैतिकता और आत्मा के विकास का स्थान महत्वपूर्ण है।
विकल्प का काल्पनिक दृश्य
काल्पनिक परिवार बेटी को विवाह का निर्णय लेने देता है, लेकिन आर्थिक जानकारी और उच्च शिक्षा से दूर रखता है। औपचारिक हाँ कह सकना पर्याप्त स्वतंत्रता है या विकल्प समझने की क्षमता भी चाहिए? यह समकालीन उदाहरण एस्टेल के प्रश्न से संवाद करता है।
एक ऐतिहासिक प्रस्ताव की सीमा
एस्टेल की राजनीति और सामाजिक दृष्टि में अपने समय की सीमाएँ हैं। उन्हें आज के सभी नारीवादी कार्यक्रमों का समर्थक मानना गलत होगा। उनकी शैक्षिक चुनौती पढ़ते समय वर्ग, धर्म और किन स्त्रियों तक अवसर पहुँचता है, यह पूछना चाहिए।
क्या प्रस्ताव केवल शिष्टाचार सिखाने का था?
नहीं। गंभीर बौद्धिक और नैतिक शिक्षा उसके केंद्र में है।
क्या वह पूरी तरह आधुनिक विचारक थीं?
उनकी आलोचना ऐतिहासिक धार्मिक और राजनीतिक मान्यताओं के भीतर विकसित हुई थी।
हिंदी में पुस्तक पढ़ें या सुनें
मैरी एस्टेल (Mary Astell) — स्त्री-शिक्षा, विवेक और स्वतंत्र सहमति। Deivede Eder Ferreira का स्वतंत्र हिंदी परिचय, ABRAFP International Press। 60 मिनट में महान विचारक श्रृंखला, खंड 139। यह विचारक की अपनी रचना या अधिकृत अनुवाद नहीं है।
ई-बुक और ऑडियोबुक अलग संस्करण हैं। वर्तमान कीमत, नमूना और आपके देश की उपलब्धता Google Play पर देखें।
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