लाइबनिट्ज़: ऐसा क्यों हुआ, कुछ और क्यों नहीं?
कमरे की बत्ती बुझी। स्विच बंद था, लेकिन किसने बंद किया और क्यों? लाइबनिट्ज़ का पर्याप्त कारण सिद्धांत हमारी व्याख्या की माँग को बहुत आगे ले जाता है: कोई तथ्य ऐसा क्यों है और अन्यथा क्यों नहीं, इसका पर्याप्त आधार होना चाहिए।

कारण जानना और कारण होना
Monadology में सिद्धांत यह नहीं कहता कि हम हर तथ्य का कारण जानते हैं। किसी आधार का होना और हमारे पास उसकी जानकारी होना अलग हैं। इसलिए अभी समझ नहीं आया को कभी कोई आधार नहीं था के बराबर नहीं रखा जाता।
सत्य के दो प्रकार
लाइबनिट्ज़ आवश्यक सत्य और तथ्य के आकस्मिक सत्य में भेद करते हैं। पहले का विपरीत विरोधाभासी होता है; दूसरे का विपरीत संभव सोचा जा सकता है। आज बारिश हुई, यह गणितीय समानता जैसी अनिवार्यता नहीं। फिर भी वे उसके लिए पर्याप्त आधार खोजते हैं।
एक काल्पनिक पुस्तकालय
पुस्तकालय ने नया समय चुना। किराया, पाठकों की सुविधा और कर्मचारियों की उपलब्धता से निर्णय की व्याख्या हो सकती है। यह संपादकीय उदाहरण स्थानीय कारणों की खोज बताता है। लाइबनिट्ज़ का अंतिम तत्त्वमीमांसीय आधार इससे कहीं व्यापक है; संस्था का निर्णय उसका प्रमाण नहीं।
सीमा महत्वपूर्ण है: क्या हर तथ्य के लिए पर्याप्त कारण मानना अनिवार्य है, इस पर विवाद है। कारणों की लंबी श्रृंखला से अंतिम आवश्यक सत्ता तक पहुँचना भी अतिरिक्त तर्क माँगता है। किसी घटना का कारण होना उसे नैतिक रूप से उचित या अच्छे उद्देश्य से हुआ सिद्ध नहीं करता।
क्या पर्याप्त कारण का अर्थ हर बात का मानव उद्देश्य है?
नहीं। उद्देश्य, कारण और तत्त्वमीमांसीय आधार अलग हो सकते हैं; सबको निजी इरादे में सीमित नहीं करना चाहिए।
क्या अज्ञात कारण इस सिद्धांत को तुरंत गलत करता है?
नहीं। सिद्धांत के अस्तित्व संबंधी दावे और हमारी जानकारी की सीमा को अलग जाँचना होगा।
हिंदी में पुस्तक पढ़ें या सुनें
गॉटफ़्रीड विल्हेल्म लाइबनिट्ज़ (Gottfried Wilhelm Leibniz) — मोनाड, पर्याप्त कारण और संभव संसार। Deivede Eder Ferreira का स्वतंत्र हिंदी परिचय, ABRAFP International Press। 60 मिनट में महान विचारक श्रृंखला, खंड 66। यह विचारक की अपनी रचना या अधिकृत अनुवाद नहीं है।
ई-बुक और ऑडियोबुक अलग संस्करण हैं। वर्तमान कीमत, नमूना और आपके देश की उपलब्धता Google Play पर देखें।
स्रोत और आगे की पढ़ाई










टिप्पणियां