मोंतेस्क्यू: स्वतंत्रता के लिए शक्ति क्यों बाँटें?
अच्छा शासक मिल जाए तो शक्ति की सीमा की जरूरत क्या है? मोंतेस्क्यू का राजनीतिक प्रश्न व्यक्ति की सद्भावना से आगे जाता है। सत्ता के दुरुपयोग की संभावना व्यवस्था की बनावट में ही रोकनी पड़ती है।

स्वतंत्रता और सुरक्षा
द स्पिरिट ऑफ लॉज़ में राजनीतिक स्वतंत्रता सब कुछ करने की छूट नहीं है। कानून के अधीन सुरक्षा और मनमाने भय से बचाव महत्वपूर्ण हैं। कानून बनाने, लागू करने और निर्णय देने की शक्ति का संकेंद्रण इस सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।
शक्तियों के विभाजन का अर्थ तीन बिल्कुल अलग द्वीप बनाना भर नहीं। संस्थागत संबंध, संतुलन और रोक का प्रश्न है। यदि वही शक्ति नियम बनाए और अपने मामले का अंतिम निर्णय भी करे, तो जाँच कमजोर होगी।
संघ का काल्पनिक उदाहरण
काल्पनिक सदस्य-संघ में अध्यक्ष शुल्क तय करता है, शिकायत सुनता है और अपने खर्च का हिसाब मंजूर करता है। ईमानदार अध्यक्ष भी दूसरों को भरोसे का पर्याप्त आधार नहीं देता। समीक्षा का स्वतंत्र रास्ता व्यवस्था को व्यक्ति से अधिक टिकाऊ बनाता है।
ऐतिहासिक ढाँचे की सीमा
मोंतेस्क्यू की शासन-श्रेणियाँ और जलवायु संबंधी कई सामान्यीकरण ऐतिहासिक आलोचना माँगते हैं। आधुनिक लोकतंत्र को उनकी एक पंक्ति से नहीं बनाया जा सकता। शक्ति का कानूनी विभाजन होने पर भी अनौपचारिक धन और सामाजिक असमानता प्रभाव डाल सकते हैं।
क्या सत्ता का विभाजन पूर्ण अलगाव है?
नहीं। शक्ति को सीमित करने वाले संबंध और संतुलन भी महत्वपूर्ण हैं।
क्या कानून होना ही स्वतंत्रता है?
मनमानेपन से सुरक्षा और कानूनों की व्यवस्था भी जाँचनी होगी।
हिंदी में पुस्तक पढ़ें या सुनें
मोंतेस्क्यू (Montesquieu) — कानून, स्वतंत्रता और शक्तियों का संतुलन। Deivede Eder Ferreira का स्वतंत्र हिंदी परिचय, ABRAFP International Press। 60 मिनट में महान विचारक श्रृंखला, खंड 102। यह विचारक की अपनी रचना या अधिकृत अनुवाद नहीं है।
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