नोज़िक: न्याय में वितरण का इतिहास क्यों मायने रखता है?
दो समाजों में संपत्ति का नक्शा समान हो, लेकिन एक में सब कुछ लूट से मिला हो और दूसरे में स्वैच्छिक विनिमय से। क्या न्याय का मूल्यांकन समान होगा? रॉबर्ट नोज़िक अंतिम वितरण से आगे उसके इतिहास को केंद्रीय मानते हैं।

हकदारी की ऐतिहासिक कसौटी
एनार्की, स्टेट, एंड यूटोपिया में न्यायपूर्ण अर्जन, न्यायपूर्ण हस्तांतरण और अन्याय के सुधार के प्रश्न आते हैं। कोई व्यक्ति किस चीज का अधिकारी है, यह केवल इस बात से तय नहीं होता कि उसका हिस्सा औसत से कितना अधिक है।
उनके अधिकार-दृष्टिकोण में व्यक्ति केवल सामूहिक लाभ का साधन नहीं है। पसंदीदा वितरण बनाए रखने के लिए बार-बार हस्तक्षेप व्यक्तिगत स्वतंत्रता से टकरा सकता है। इससे रॉल्स जैसे वितरण-सिद्धांतों के साथ महत्वपूर्ण विवाद बनता है।
उपहार का काल्पनिक उदाहरण
काल्पनिक समूह बराबर हिस्सों से शुरू करता है। सदस्य अपनी पसंद के कलाकार को स्वेच्छा से उपहार देते हैं और समानता बदलती है। प्रश्न है कि आरंभिक समानता न्यायपूर्ण थी तो स्वतंत्र क्रियाओं के बाद आया अंतर क्यों अन्याय कहलाए।
वास्तविक इतिहास की कठिनाई
उदाहरण तभी मजबूत है जब शुरुआती अधिकार और विनिमय सचमुच न्यायपूर्ण हों। दासता, बेदखली और दबाव के इतिहास को छोड़ देने से तर्क का जरूरी सुधार-पक्ष गायब होता है। वास्तविक स्वामित्व का न्याय कुछ सरल लेनदेन से तय नहीं हो जाता।
क्या वर्तमान संपत्ति अपने आप न्यायपूर्ण है?
नहीं। नोज़िक की ऐतिहासिक कसौटी अर्जन और हस्तांतरण की वैधता पूछती है।
क्या न्यूनतम राज्य का मतलब कोई राज्य नहीं?
नहीं। अधिकार-सुरक्षा जैसे सीमित कार्यों वाले राज्य का तर्क दिया जाता है।
हिंदी में पुस्तक पढ़ें या सुनें
रॉबर्ट नोज़िक (Robert Nozick) — अधिकार, न्याय और न्यूनतम राज्य। Deivede Eder Ferreira का स्वतंत्र हिंदी परिचय, ABRAFP International Press। 60 मिनट में महान विचारक श्रृंखला, खंड 115। यह विचारक की अपनी रचना या अधिकृत अनुवाद नहीं है।
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