मैकियावेली: भाग्य बदलता है तो तैयारी क्या करती है?
बाढ़ आने पर मजबूत दीवार बनाना देर हो सकता है। मैकियावेली भाग्य को उफनती नदी से तुलना करते हुए पूछते हैं कि शांति के समय की तैयारी विपत्ति के असर को कैसे बदलती है। राजनीतिक जीवन में सब कुछ नियंत्रण में नहीं, पर तैयारी इसलिए व्यर्थ नहीं हो जाती।

फॉर्चूना का क्षेत्र
फॉर्चूना उन बदलती परिस्थितियों और संयोगों की ओर संकेत करता है जिन्हें व्यक्ति पूरी तरह तय नहीं करता। The Prince के पच्चीसवें अध्याय में मनुष्य की कार्रवाई के लिए स्थान भी बचता है। इसलिए विचार का अर्थ भाग्य के सामने केवल झुक जाना नहीं।
वीर्तू का विशेष अर्थ
वीर्तू को सामान्य नैतिक सद्गुण के बराबर अनूदित करने में सावधानी चाहिए। यहाँ राजनीतिक क्षमता, साहस और समय की माँग के अनुसार कार्य करने की शक्ति महत्वपूर्ण है। जो व्यवहार एक परिस्थिति में सफल था, बदलते समय में विफल हो सकता है।
एक काल्पनिक परिषद
काल्पनिक नगर परिषद बरसात से पहले जलनिकासी सँभालती है। वह हर तूफान रोक नहीं सकती, लेकिन नुकसान की संभावना घटा सकती है। यह संपादकीय तुलना तैयारी और संयोग का फर्क दिखाती है। यह पुस्तक में वर्णित वास्तविक नीति नहीं और न ही सफलता की गारंटी है।
सीमा जरूरी है: क्षमता की प्रशंसा से साधनों का नैतिक औचित्य अपने आप नहीं मिलता। मैकियावेली के सत्ता-संबंधी कठोर तर्कों की आलोचना अलग करनी होगी। उन्हें केवल चालाकी के नारे में सीमित करने से उनका गणतांत्रिक लेखन और संस्थागत चिंतन भी छूटता है।
क्या मैकियावेली कहते हैं कि मजबूत व्यक्ति सब नियंत्रित कर सकता है?
नहीं। भाग्य और बदलते समय की भूमिका इसी पूर्ण नियंत्रण को चुनौती देती है।
क्या राजनीतिक सफलता नैतिक अच्छाई का प्रमाण है?
नहीं। किसी साधन का प्रभावी होना और उसका उचित होना अलग प्रश्न हैं।
हिंदी में पुस्तक पढ़ें या सुनें
निकोलो मैकियावेली (Niccolo Machiavelli) — शक्ति, भाग्य और गणतांत्रिक स्वतंत्रता। Deivede Eder Ferreira का स्वतंत्र हिंदी परिचय, ABRAFP International Press। 60 मिनट में महान विचारक श्रृंखला, खंड 64। यह विचारक की अपनी रचना या अधिकृत अनुवाद नहीं है।
ई-बुक और ऑडियोबुक अलग संस्करण हैं। वर्तमान कीमत, नमूना और आपके देश की उपलब्धता Google Play पर देखें।
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